महिलाओं की सेहत में मोरिंगा: आयरन की कमी से हार्मोन बैलेंस तक पूरी सच्चाई
भारत में महिलाओं की सेहत से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या आज भी आयरन की कमी, थकान, हार्मोन असंतुलन और पोषण की कमी है। National Family Health Survey (NFHS) के अनुसार देश की 50% से अधिक महिलाएं एनीमिया से प्रभावित हैं।
इसी बीच पिछले कुछ सालों में मोरिंगा को “महिलाओं के लिए सुपरफूड” के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है — क्या मोरिंगा वाकई महिलाओं की सेहत में मदद करता है या यह सिर्फ एक मार्केटिंग ट्रेंड है?
इस रिपोर्ट में हम मोरिंगा और महिलाओं की सेहत से जुड़े सभी पहलुओं को वैज्ञानिक, सामाजिक और व्यावहारिक नजरिए से समझेंगे।
मोरिंगा क्या है और इसमें ऐसा खास क्या है?
मोरिंगा एक पोषक तत्वों से भरपूर पौधा है, जिसके पत्ते, फल और बीज लंबे समय से भारतीय भोजन और आयुर्वेद का हिस्सा रहे हैं।
मोरिंगा पत्तियों में पाए जाते हैं:
- आयरन
- कैल्शियम
- फोलेट
- विटामिन A, C और E
- एंटीऑक्सीडेंट्स
यही वजह है कि इसे महिलाओं की डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है।
महिलाओं में आयरन की कमी: एक गंभीर समस्या
भारत में किशोरियों और प्रजनन आयु की महिलाओं में आयरन की कमी आम है। इसके कारण हैं:
- पीरियड्स के दौरान ब्लड लॉस
- गर्भावस्था
- असंतुलित आहार
- गरीबी और पोषण की कमी
आयरन की कमी से थकान, चक्कर, कमजोरी और इम्युनिटी कमजोर हो जाती है।
क्या मोरिंगा आयरन की कमी में मदद करता है?
रिसर्च के अनुसार, 100 ग्राम सूखे मोरिंगा पत्तों में पालक से कई गुना अधिक आयरन पाया जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि आयरन का अवशोषण व्यक्ति की डाइट और शरीर पर निर्भर करता है।
डॉक्टरों का मानना है कि मोरिंगा:
- डेली आयरन सपोर्ट दे सकता है
- हल्के एनीमिया में सहायक हो सकता है
- पूरक आहार (supplement) के रूप में उपयोगी है
हार्मोनल बैलेंस और मोरिंगा
महिलाओं में हार्मोन असंतुलन से जुड़ी समस्याएं जैसे:
- अनियमित पीरियड्स
- मूड स्विंग
- थकान
- वजन बढ़ना
इन समस्याओं में पोषण की भूमिका अहम होती है। मोरिंगा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स शरीर को संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मोरिंगा कोई दवा नहीं है, लेकिन यह पोषण स्तर को बेहतर कर सकता है।
गर्भावस्था और स्तनपान में मोरिंगा
कुछ संस्कृतियों में मोरिंगा पत्तियों का उपयोग प्रसव के बाद महिलाओं को ताकत देने के लिए किया जाता है।
हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:
- गर्भावस्था में डॉक्टर की सलाह जरूरी है
- अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए
- प्रोसेस्ड पाउडर की गुणवत्ता जांचनी चाहिए
मोरिंगा कैसे सेवन करें?
महिलाएं मोरिंगा को इन तरीकों से ले सकती हैं:
- मोरिंगा पाउडर – आधा चम्मच रोज़
- मोरिंगा की सब्ज़ी
- मोरिंगा चाय
- स्मूदी में मिलाकर
बेहतर आयरन अवशोषण के लिए इसे विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थों के साथ लेना उपयोगी माना जाता है।
ग्राउंड रियलिटी: महिलाओं का अनुभव
ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाओं का कहना है कि नियमित रूप से मोरिंगा लेने से उनकी ऊर्जा और काम करने की क्षमता में सुधार हुआ।
“दवा नहीं, लेकिन शरीर में कमजोरी कम हुई।” – ग्रामीण महिला, मध्य प्रदेश
क्या मोरिंगा सभी महिलाओं के लिए सुरक्षित है?
सामान्य मात्रा में मोरिंगा सुरक्षित माना जाता है, लेकिन:
- थायरॉइड
- ब्लड प्रेशर
- प्रेग्नेंसी
इन स्थितियों में विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है।
निष्कर्ष
मोरिंगा महिलाओं की सेहत के लिए एक सहायक पोषण स्रोत हो सकता है, खासकर आयरन और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी में। लेकिन इसे चमत्कारी इलाज समझना गलत होगा।
संतुलित आहार, मेडिकल सलाह और सही जानकारी के साथ मोरिंगा का उपयोग ही सुरक्षित और लाभकारी है।